रामायण-महाभारत तथा नए शोधों के आलोक में भारत के आर्य एवं अनार्य Source: wiseGeek हम सभी अभी कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए अपने घरों में बंद हैं और “रामायण” के पश्चात अब “उत्तर रामायण” तथा “महाभारत” टी.वी. धारावाहिक देखने का आनंद उठा रहे हैं। रामायण और महाभारत की कथाओं के प्रसंगों मे आर्य, अनार्य, देव, दानव, सुर, असुर, दैत्य, दस्यु, राक्षस, यक्ष, किन्नर, गंधर्व, नाग, गरुड़, बानर, रीक्ष आदि जातियों का वर्णन आया है। उनके रहन-सहन, उनकी भौगोलिक, सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक, आर्थिक, आध्यात्मिक, युद्धकला एवं युद्धास्त्र की जानकारी संबंधी प्रश्न हमारे मन मेँ उठते हैं। दर्शक उसे आज के विज्ञान की कसौटी पर तौलता है। तो हम इन्हीं जिज्ञासों को संतुष्ट करने हेतु निम्न बिन्दुओं पर चर्चा करेंगे- 1) भारत एवं आर्यावर्त सभी हिन्दू धार्मिक ग्रन्थों में “ जंबूद्वीपे आर्यावर्ते भारतखंडे” वाक्य आर्यों के निवास स्थान के रूप मेँ अंकित है। पुरोहित जी किसी भी धार्मिक अनुष्ठान मेँ इन शब्दों के उच्चारण के साथ आपके गोत्र, पिता का नाम और उसके बाद आपका नाम उच्चारित करात...