Why is the boycott of Chinese products and self-reliance of India is necessary? चीनी उत्पादों का बहिष्कार एवं आत्म निर्भरता क्यों आवश्यक ? भूमंडलीकरण(globalization) एवं उदारीकरण (liberalization)को अमलीजामा पहनाने के विश्व समुदाय द्वारा (मारकेश संधि 1995 मे) पूर्व के गैट (General Agreement on Tariffs and Trade--1947) के स्थान पर विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization –WTO)का गठन किया गया। जिसके संप्रति 164 सदस्य देश हैं तथा 24 पर्यवेक्षक देश हैं। जिसका मुख्यालय जिनेवा में है। WTO अपने 164 सदस्यों के व्यापारॉ,सेवाओं एवं निवेशों का नियमन,प्रोत्साहन,विवादों का निपटारण आदि का कार्य करता है।इसके अनुसार प्रत्येक सदस्य देश अपने बाजार को व्यापार ,सेवा एवं निवेश हेतु दूसरे सदस्य देशों के लिए खुला रखेगा,उसे व्यापार करने से नही रोकेगा। भारत भी WTO का सदस्य है। वह WTO के सदस्य देश जिसमें चीन भी शामिल है ,को अपने यहाँ व्यापार करने से रोक नहीं सकता है।कोई ज्यादा टैरिफ या टैक्स नहीं लगा सकता है,हालांकि कुछ शक्तिशाली देश WTO के निर्देशों के उल्लंघन करते पाये गए हैं। वर...