सकारात्मक सोच मेँ
अभिवृद्धि कैसे करें ?
Ways to Improve Positive Thinking!
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
![]() |
| Image: Positivity ( Source: Origin Leadership ) |
कोरोना (कोविड-19) के संक्रमण से बचने हेतु हम सभी , हम जहाँ भी हैं वहीं अपने को लौक किए हुये हैं ।कहीं बाहर नहीं निकल रहे हैं।ज्यादा लंबी अवधि तक बंद-बंद रहने के कारण लाखों व्यक्ति बहम,माईनिया या अवसादग्रस्त हो रहे हैं,जो गंभीर चिंता का विषय है।लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है अपनी जान और जहान को बचाना।
मौसम में भी परिवर्तन हो रहा है,तथा अपना प्रभाव भी दिखा रहा है। इस मौसम मे यदि स्वस्थ व्यक्ति भी दिन में भोजनोपरांत नींद का ज्यादा आनंद लेता है तो जागने के पश्चात उसका सिर भारी हो जाएगा ,हल्की सर्दी,बुखार या खाँसी हो सकता है ।
आजकल टी.वी, रेडियो, सोशल मीडिया एवं लोंगों से बातचीत मे एक ही विषय कोरोना पर ही चर्चा एवं परिचर्चायें चल रही है।परिचर्चाओं मेँ कोरोना के लक्षण आदि के बारे मे बातें होती हैं। जिसे सुनते- सुनते श्रोता यदि सामान्य फ्लू से प्रभावित है तो अपने लक्षणों की तुलना कोरोना के लक्षणों से करते हैं ,दोनों रोगों के प्रारम्भिक लक्षण लगभग समान हैं।धीरे- धीरे वह व्यक्ति वहम,माइनिया का शिकार होता है और अंतत: अवसादग्रस्त हों जाता है, इस तरह के अवसाद से कई लोग प्रभावित हों रहे हैं।जो चिंताजनक है।
इस स्थिति से निजात पाने के लिए हम निम्न बातों का अनुपालन करते हुये अवसाद को दूर कर सकते है,और जीवन मे सकारात्मकता को बढ़ा कर अवसाद को दूर कर सकते हैं:--
1) प्राणायाम,योगासन,ध्यान एवं व्यायाम करें
![]() |
| Image: Yoga ( Source: Thomascookblog ) |
प्राणायाम (नाड़ीशोधन, अनुलोम-विलोम, कपालभांति, भ्रामरी, उज्जयिनी, भस्त्रिका, आदि) एवं योगासन ( पद्मासन, वज्रासन, भुजंगासन, धनुरासन, तड़ासन,त्रिकोनासन,सूर्यनमस्कार आदि ) करने से पर्याप्त मात्रा मेँ औक्सीजन तथा रक्त का संचार, शरीर के सभी अंगों , अवयवों, कोशिकाओं एवं मष्तिस्क मेँ होता है तथा मन एवं आत्मा के साथ समन्वय स्थापित होता है, फेफड़ों का औक्सीजन के ग्रहण करने एवं कार्वनडाईऔकसाइड के उत्सर्जन करने की क्षमता भी बढ़ती है, रक्त के प्रवाह के साथ आंतों में पचे हुये भोज्य पदार्थ शरीर के सभी कोशिकाओं मे पहुँचता है, जहाँ कार्बोहाइड्रेट के विखंडन से ऊर्जा एवं कार्बनडाईऔकसाइड बनता है। कार्बनडाईऔकसाइड शरीर से उत्सर्जित कर दिया जाता है और ऊर्जा से हमे जीवनी शक्ति प्राप्ति होती है। व्यायाम (नमयक, स्ट्रेचिंग , टहलना, एरोविक तथा एनारोविक) से मांस पेशियों की मजबूती एवं निर्माण होता है।
2) ध्यान
![]() |
| Image: Meditation ( Source: SheKnows ) |
ध्यान सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने की पद्धति है, व्यक्ति पद्मासन में बैठ कर साँसों को नियंत्रित करते हुये अपने ईष्ट देव का स्मरण करता है, मन को एकाग्र करता है, अपने ईष्ट देव का बिम्ब दोनों भौंओं के बीच बना महसूस करता है या गहरे लाल या सफ़ेद रंग की बिंदिया दिखाई पड़ता है जो चलायमन रहता है उसी पर एकाग्र होकर उसे स्थिर रखना और विचार शून्यता की स्थिति बनाए रखने का प्रयास करना है, मन के बागडोर को पकड़े रहना है, उस समय अपने ईष्ट देव की छवि को दोनों आंखो के बीच बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए, शुरू में एकाग्र होने में थोड़ी परेशानी होगी, लेकिन धीरे धीरे समयावधि बढ़ती जाएगी।
योग प्रशिक्षित व्यक्ति की निगरानी में ही योग, प्राणायाम एवं व्यायाम को संतुलित रूप से करने से ज्यादा फ़ायदा होता है।कम से कम एक घंटे अपने शरीर के लिए निकालें इससे सकारात्मकता के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है, और भी कई फायदे हैं जो अभी चर्चा के बिन्दु नही हैं।
3) संतुलित भोजन
![]() |
| Image: Vegetarian Diet (Source: Healthline) |
संतुलित भोजन (जल, खनिज-लवण, कार्वोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन्स, न्यूक्लिक एसिड, विटामिन्स की उचित मात्रा) के बारे में हम सभी बचपन मे अपने पाठ्य पुस्तकों मे पढ़ा है। जिसमे शरीर के लिए आवश्यक सभी अवयव संतुलित मात्रा मेँ रहते हैं। हमारा शरीर एक जटिल मशीन है, इसे सही समय पर आवश्यक सभी तत्व चाहिए जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहे, जिसे सही समय पर लेना ही चाहिए ।
शाकाहारी भोजन :
संतुलित भोजन के साथ भोजन को शाकाहारी होना भी आवश्यक है,यह भोजन सात्विक होता है, जिससे सात्विक एवं सकारात्मक भाव पैदा होता है, तामसिक भोजन से तामसिक प्रवृति ही पैदा होती है। भोजन के अनुसार ही सोच बनता है। शाकाहारी भोजन से शरीर स्वस्थ रहता है और स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है जिसे हम सभी ने पढ़ा है। मस्तिष्क स्वस्थ रहेगा तो सकारात्मक सोच भी बनेगा।
![]() |
| Image: Sleep ( Source: Healthline ) |
हमारा शरीर एक जटिल मशीन है इसे हमें हमेशा याद रखना चाहिए। इसे नियमित अंतराल पर विराम यानि नींद की आवश्यकता होती है अन्यथा इसका सौफ्टवेयर के साथ हार्डवेयर भी खराब हों जाता है। सभी अंग धीरे धीरेअपने निर्धारित कार्य करने से मुँह मोड़ने लगते हैं। अन्य अंगों की तुलना मेँ मस्तिष्क तो सीधे तौर पर नींद से जुड़ा हुआ है। नींद के समय शरीर अपने टूट- फुट की मरम्मति करता है। नींद की कमी से इस दिमाग रूपी कंप्यूटर का साफ्टवेयर करप्ट हों जाता है, आदमी की सोच बदल जाती है,व्यक्ति के सोच सकारात्मक नही रह जाते हैं। कम से कम 7-8 घंटों की नींद एक जवान आदमी के लिए आवश्यक है। साथ ही खास कर इस काल मेँ दिन मेँ सोने से परहेज करें।
4) अपने कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन करना
![]() |
| Image: Inner Peace (Source: In Forma Integral Fitness) |
जिस दिन हम अपने कर्तव्यों और दायित्वों का सही ढंग से निष्पादन करतें हैं, उस दिन की अपनी खुशी को याद करें। एक आत्म संतुष्टि का बोध मन में होता है। आत्म खुशी से सकारात्मकता मेँ वृद्धि होती है।
5) परिवार के सदस्यों कि भावनाओं का कद्र करें
![]() |
| Image: Family (Source: Thrive Global) |
मानसिक शांति के लिए घर मेँ, परिवार मेँ शांति हो सभी सदस्य एक दूसरे कि भावनाओं को समझे, उनकी भावनाओं के अनुसार कार्य करें। पारिवारिक शांति सबसे बड़ी पूंजी है।इसके विपरीत कलह से अशांति, अशांति से नकारात्मक भाव पैदा होता है| नकारारात्मकता से इम्यूनिटी कमजोर होती है।
![]() |
| Image: Contemplation (Source: Big Think) |
दिन भर हम अपने कार्य मेँ अति व्यस्त रहते हैं, सोने के पहले कुछ पल अपने द्वारा किए गए कार्यों का विवेचन करें। हो सकता है कहीं कर्तव्यों के निर्वहन के क्रम मेँ कुछ चूक हो गयी हों, गलती का बोध होने पर तत्काल उसका निराकरण हो या भूल सुधार हो, इससे दिमाग पर पड़ने वाले अनावश्यक तनाव मेँ कमी आएगी और सोच सकारात्मक होगी ।
7) भगवान या अपने इष्ट पर विश्वाश रखें :उपासना करें
![]() |
| Image: Prayer (Source: Focus on the Family) |
मनुष्य का कार्य सिर्फ प्रयास करना है।परिश्रम का फल देने वाला भगवान है। जो आपके वश मेँ नही हो और अन्य सार्थक प्रयासों से कार्य सफल नही हो तो उसे भगवान कि इच्छा समझ कर स्वीकार करें। यह आपको नकारात्मक्ता के भाव से बाहर निकालेगें।
इसके अतिरिक्त कुछ अन्य मंत्रों का अनुपालन करना आवश्यक है जो निम्नवत है:--
1) जरूरतमंदों की सहायता
![]() |
| Image: Help Needy (Source: Alberton Record) |
लाचार एवं जरूरतमंद लोगों की निस्वार्थ सेवा से परमानंद की प्राप्ति होती है, साथ ही नेकी कर दरिया में डाल वाली कहावत चरितार्थ हो तो अतिउत्तम ।
2) पुराने अंतरंग ,अच्छे सहपाठियों, संबंधियों,सहकर्मियों से मोबाइल या अन्य माध्यमों से बातचीत करते रहें
![]() |
| Image: Friendship (Source: HuffPost) |
अपने खाली समय मे पुराने अच्छे सहपाठियों, आंतरंग मित्रों, संबंधियों एवं सहकर्मियों से लगातार बातें करते रहें|
![]() |
| Image: Reading (Source: TheJournal.ie) |
अच्छे लेखकों द्वारा रचित कथा साहित्य, कवितायें, उपन्यास, पत्रिकाओं का अध्ययन करे, सामान्य ज्ञान बढ़ाने वाली पत्रिकाओं, या अपनी अभिरुचि वाले विषय यथा इतिहास, भूगोल, विज्ञान, सामाजिक शास्त्र आदि का अध्ययन कर सकते हैं ।
4) जहां आवश्यकता हो वही अपना वक्तव्य दें
![]() |
| Image: Unnecessary Talks (Source: Merriam-Webster) |
अनावश्यक वार्तालाप से बचें,अनावश्यक बातें करने से अनावश्यक reaction आपको झेलने पड़ सकते हैं, जिससे अनावश्यक तनाव हो सकता है। परिस्थिति विशेष मे चुप्पी से काम चलाना श्रेयस्कर होता है।
5) सत्य बोलने एवं दूसरों को कष्ट नहीं पहुचाने का प्रयास करें
![]() |
| Image: Truth (Source: Pac Macmillan) |
हालांकि गृहस्थ जीवन मेँ यह 100% संभव नहीं है, फिर भी जितना संभव हो पालन करना चाहिए,सत्य के नजदीक रहने मेँ थोड़ा कष्ट अवश्य होता है। लेकिन अंत मेँ आपको खुशी एवं सफलता अवश्य मिलेगी ।
6) नकारात्मक लोगों के संसर्ग से बचें
![]() |
| Image: Stay Away from Negativity (Source:Zenlama) |
संगत से गुण होत हैं, संगत से गुण जात, आप सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रयासरत रहें।नकारात्मक मानसिकता वाले लोग आप को पथभ्रष्ट कर सकते है, वे आपको अनावश्यक तनाव मे डालते रहेंगे।
उपरोक्त बिन्दुओं पर यथासंभव अनुपालन से आप जिंदगी भर खुशी महसूस करेंगे। आप सकारात्मक बने रहेगे।तनावरहित जीवन जीते हुये दूसरों को भी सकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित करेगे। इस कोरोना काल मेँ तो यह आवश्यक भी है।अपने आप को डिप्रेसन से बचाने के लिए और अपने को स्वस्थ ताजगी पूर्ण सफल जीवन बिताने के लिए आज से ही यथा संभव अनुपालन प्रारम्भ कर दें ,विश्वाश है आपका भविष्य सुखमय होगा ।
धन्यवाद!
शैलेंद्र रामाशीषम















इस वैश्विक महामारी की घड़ी में अतिप्रेरक व सूचनावर्धक लेख। आपके विचारों से पूर्णतया सहमत हूँ!
ReplyDeletethank you
Deletenice .. will definitely try these things.
ReplyDeleteइस वैश्विक महामारी के समय में मनुष्यों के मन में आए अवसाद से बचने एवं अपने आप में सबल बनने का रामबाण होगा
Deleteअवसाद से बचने के लिए महत्वपूर्ण टॉनिक
ReplyDeleteधन्यवाद
ReplyDeleteYe gaagar me sagar ke samaan hai hitting jackpot at the right time
ReplyDeleteReally motivational. I have started to follow the above mentioned suggestions.
ReplyDeleteMera sabse niwedan hai ki jinhone abhi Tak YOG ko apne routine me nahi apnaya hai wo ise apne daily routine me awasya samil kare.
Thank you!
DeleteKnowledge worth of 5 Books combined. Great Article. Something which everyone should follow.
ReplyDeleteGreat motivating article 👍🏻
ReplyDeleteThank you!
DeleteMotivating and very well written....
ReplyDeleteThank you!
DeleteProfound and appealing article
ReplyDeleteThank you!
Deleteकोरोना वायरस से बचाव ही सामाधान ।
ReplyDelete