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Global Effect of Covid-19


कोरोना वायरस : वैश्विक दलाव के आसार

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Image: Structure of Coronavirus (Source: Newscientist)


कोरोना वायरस {कोविड—19} जो चाइना के वुहान शहर से विश्व की परिक्रमा पूरी कर वापस अपने जन्म स्थान में दस्तक देना प्रारंभ कर दिया है| अपनी परिक्रमा के क्रम मे इसने लगभग सभी देशों की यात्राएं की हैं | इस वायरस के विश्व भ्रमण के फलस्वरूप सकल देशों में उन देशों के प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, सामरिक आदि समस्त पटल पर कई महत्वपुर्ण सकारात्मक एवं नकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहे हैं| लेकिन हम पहले सकारात्मक बद्लाव पर विचार करें :-


1) विलुप्तप्राय/अदृश्य जीवों का पुनः दृस्टिगोचर होना

Image: Nature Reviving (Source: Common Dreams)


कोरोना पूर्व काल में प्रदूषण के कारण कई जीवों की प्रजातियाँ शहरों तथा गावों में वर्षों से दिखाई नहीं पड़ती थी,वे आज पूरे विश्व मे स्वछंद रूप से नगरों एवं गावों का विचरण करने की तशवीरें टीवी पर वायरल हो रही हैं| नीलगायें,तेंदुए,चीतल,बराहसिंघे,हाथी,जंगली भैंसे, गैंडे, दुर्लभ रंग- विरंगी तितलियाँ, पक्षी जो शहरों के प्रदूषण के कारण गायब हो गये थे, LOCKDOWN होने एवं प्रदूषण में स्वयमेव नियंत्रण के कारण पुनःदिखाई पड़ रहे हैं|बचपन में(60 -70के दशक में) चिड़ियों के सुने गये सुमुधूर कलरव जों हाल के कई दशकों पूर्व से सुनाई नही पड़ रहे थे| अब पुनः सुनाई पड़ने शुरू हो गये हैं|लगता है प्रकृति अपने आप को refresh कर रही हो|


2) प्रदूषण एवं ग्लोबल वार्मिंग में कमी

Image: Cleaner Environment (Source: cdn.the-scientist)
                                                                  

वायु . जल, ध्वनि आदि प्रदूषणों मेँ इस कोरोना काल मेँ आप्रत्याशित कमी आयी है,दिल्ली सहित विश्व के अन्य महनगरों एवं शहरों के वायु प्रदूषण के इंडेक्स में उल्लेखनीय सुधार देखे गए हैं |सम्पूर्ण lockdown के कारण यातायात के साधनों ,कल कारखानों के प्रायः बन्द होने,शादी-ब्याह,पर्व-त्योहारों के सार्वजनिक आयोजनों पर प्रतिबंध आदि के फलस्वरूप प्रदूषण मेँ बहुत कमी आयी है|यमुना जैसी प्रदूषित नदियों के जल की गुणवत्ता में सुधार देखा जा रहा है|अन्य वर्षों की भांति इस अवधि मे तापमान मेँ कमी आयी है| कार्वनिक उत्सर्जनों मेँ तात्कालिक कमी इसका कारण हो सकता हैं|


3) NATURE SELECTS THE BEST : जनसंख्या नियंत्रण
Image: Overpopulation (Source: kissclipart)


COVID -19 से प्रभावित व्यक्तियों के आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि यह वायरस चुन-चुन कर कमजोर immunity स्वास्थ्य वाले व्यक्तियों को ही अपना ग्रास बनाया है|मज़बूत इम्यूनिटी वाले ब्यक्तियों को उसने बकस दिया है|अधिक उम्र वाले व्यक्तियों॰डायवेटिक,ब्लड प्रेसर,हृदय रोगी,लिवर-किडनी,कमजोर इम्यूनिती वाले व्यक्ति ज्यादा प्रभावित हुये हैं|यानि प्रकृति बेस्ट लोंगों को सेलेक्ट कर रही है|लाखों लोगों की मृत्यु और भविष्य में होने वाली मृत्यु से स्पष्ट है कि प्रकृति अपने ढंग से बढ़ती हुयी जनसंख्या पर नियंत्रण करना चाह रही है।जैसे प्रकृति पूर्व मेँ हैज़ा॰कौलरा॰प्लेग॰स्पेनिशफ्लु॰एशियनफ्ल॰हाँगकाँगफ्लू॰रसियन फ्लू॰स्वाईन फ्लू,अफ्रीकी महादेश के विभिन्न देशों में विभिन्न नामों से फैले वाइरल बीमारियाँ॰जिसके कारण करोड़ों लोग अकाल कवलित हुये,इसीतरह प्रकृतिक आपदाएँ जैसे –बाढ़,सुखाड़,अतिबृष्टि अनाबृष्टि,अकाल,भूकम्प आदि भी प्राकृतिक रूप से जनसंख्या को नियंत्रित करते रहती है।वर्तमान समय में कोरोना महामारी इसका सर्वोत्तम उदाहरण है।


4) भारतीय जीवन पद्धति की श्रेष्ठता प्रमाणित

Image: Yoga Pose (Source: Thomascookblog)



COVID—19 से वचाव हेतु डाक्टरों,वैज्ञानिकों,विशेषज्ञों के द्वारा रहने- सहने एवं फैलाव को रोकने हेतु जो निदेश दिये जा रहे हैं, वे प्राचीन काल से ऋषियों- मुनियों द्वारा स्थापित मानदंडों के ही अनुरूप है, इसका अनुपालन आज भी भारत के ग्रामीण इलाकों में हो रही है।फलस्वरूप गावों एवं छोटे शहरों इलाक़ों में करोना का प्रसार बहुत ही कम हुआ है।पाश्चात्य संस्कृति अपनाने वाले लोग ही इससे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।भारतीय संस्कृति में योगा, व्यायाम, शाकाहारी भोजन, आंवला, गिलोय,गोलमिर्च हल्दी पाउडर अन्य रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले मसाले , औषधियाँ च्यवनप्राश, शिलाजीत, सोने का भश्म आदि के सेवन तथा भरतीय संस्कृति के साथ सामंजस्य बनाये रखने के कारण DNA –RNA मे परिवर्तन से इम्यूनिटी में बृद्धि हुई है।,इस देश मेँ वही लोग प्रभावित हुये हैं जो भारतीय जीवन पद्धति को नहीं अपनाये हैं। संप्रति पूरा विश्व भारतीय जीवन पद्धति को अपनाने हेतु बाध्य है।निकटता के साथ दूरी,सकारात्मक सोच,मानसिक दृढ़ता, जीवन से लड़ने का संकल्प,उपासना की पद्धति एवं दर्शन, आदि से युक्त जीवन पद्धति ने भी कोरोना को फैलने से रोका है भारत मेँ कोरोना से मृत्यु दर मेँ अपेक्षाकृत कमी रही है।

5) राजनैतिक मतैक्यता  


Image: Political Affair(Source: timeshighereducation)



यह कोरोना का ही प्रभाव है कि विपक्षी दलों एवं सत्ता पक्ष मे एका दिखाई पड़ रहा है। कोरोना पूर्व काल में जहाँ वोट बैंक की राजनीति में देश हित की चिंता किसी कों नही थी।लेकिन कोरोना काल में भयवश संप्रति सभी दलों कों एक मंच पर ला दिया है। तत्काल लोगों ने राजनीतिक रोटियाँ सेंकना बंद कर दिया गया है।हाँ, कुछ देश द्रोही तत्वों ने षड्यंत्र के तहत कोरोना को फैलाने के प्रयास अवश्य किए गए।लेकिन सरकार के तत्पर एवं कठोर कदमों से देशद्रोहियों को आंशिक सफलता ही हाथ लगी जिसके कारण lockdown की अवधि को सरकार के द्वारा बढ़ाना पड़ा।

6) स्वास्थ्य एवं कल्याण क्षेत्रों मेँ सरकारों का फोकस

Image: Health and Wellness(Source: masconoment)


सरकारों का फोकस एवं बजट कोरोना पूर्व काल में दूसरे क्षेत्रों एवं विभागों पर ज्यादा रहती थी,लेकिन कोरोना काल मेँ सरकारों एवं विभागों का एकमात्र फोकस रह गया है कैसे कोरोना के प्रभाव को कम करते हुये जन हानि यानि मृत्यु दर को कम किया जा सके , इसके लिए कोरोना से लड़ने के लिए संसाधनों,दवाओं , विशेष अस्पतालों,क्वारइंटा जा इन केन्द्रों के निर्माण के साथ गरीबों के जीवन यापन हेतु राशि सीधे लाभूकों के खाते में अंतरित की जा रही है एवं खाद्यान्न के साथ अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


नकारात्मक पक्ष

1)   विश्व युद्ध का बदलता स्वरूप

Image: Pandemic (Source: freepik)


कहा जाता है कि कोविड- 19 नामक इस वायरस को चीन के बुहान नामक शहर के एक प्रयोगशाला मेँ तैयार किया गया है।जबकि कुछ लोग यही आरोप अमेरिका पर लगा रहे हैं। लेकिन इन दोनों आरोपों की पुष्टि नही है।लेकिन यदि यह सत्य है तो यह महासंहारक वायरल बम होगा।जिसके दुष्परिणाम अभी दिखाई पड़ रहा है।लाखों लोगों के मरने की संभावना है,WHO ने PANDEMIC (विश्व महामारी) घोषित किया है।जिसके कारण पूरा विश्व अभी ठप्प है।उत्पादन ,TRANSPORTATION,व्यापार आदि आर्थिक एवं अन्य गतिविधियाँ भी बंद हैं,फलस्वरूप प्रत्येक देश केए GDP औंधे मुँह धड़ाम हो गये हैं,कुछ देशों का तो विकास दर NEGATIVE में चला गया है।इस बीमारी से लड़ने के लिए पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था करने के लिए राशि नही है,उन्हें विश्व समुदाय से आर्थिक मदद के लिए गुहार लगाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। यदि इसे अस्त्र के रुप में प्रयोग किया जाय तो यह महाविनाशक , घातक तथा मानव संसाधन सहित आर्थिक विनाशक सिद्ध होगा।

2)    विश्व आर्थिक महाशक्ति बनने के लिए नया ध्रुवीकरण

Image: Global Recession (Source: Entrepreneur)

कोवीड-19 से युद्ध मेँ कई देश या तो कंगाल हो चुके हैं या होने वाले हैं।अमेरिका सहित पूरे पश्चिमी देशों का आर्थिक विकास दर काफी कम हो गया है,जबकि चाइना ने कोरोना वाइरस के प्रसार को कंट्रोल करते हुये अपने औद्योगिक इकाइयों को पुनः शुरू कर दिया है,उत्पादन शुरू हो गया है।इसके साथ ही उसने निर्यात भी प्रारम्भ कर दिया है,जबकि दूसरे देश कोरोना के संकट से जूझने में उलझे हैं।इस तरह से विश्व का पूंजी प्रवाह इस कोरोना काल मेँ एक ही देश की ओर हो रहा है,यानि पूंजी का ध्रुवीकरण हो रहा है।इस तरह नए आर्थिक महाशक्ति बनने की संभावना है।


3)   गरीब देशों और गरीबों की संख्या मेँ बृद्धि की पूरी संभावना

Image: Poverty (Source: technologystudent)


कोरोना प्रभावित सभी देश अपने संसाधनो तथा पैसों कों कोरोना वाइरस से लड़ने के लिए व्यय कर रहे हैं, समस्त औद्योगिक इकाइयाँ ठप्प हैं,इसके फलस्वरूप GDP मेँ गिरावट और LOCKDOWN के कारण सम्पूर्ण बंदी के कारण लोगों के रोजगार छिन गये हैं,लोग घरों मेँ या जहाँ वे हैं वहीं बंद हैं।वर्कफोर्स तबाह है,उनकी जमा पूंजी समाप्त हो रही है।पूंजी का सामान्य प्रवाह में बहुत ही कमी आयी है जिससे गरीबों की संख्या में काफी वृद्धि होने की संभावना है।एक अनुमान के अनुसार गरीबी रेखा के नीचे लगभग 50% लोंगों के आ जाने की संभावना हो गयी है।


4)   पति-पत्नी आदि के बीच आपसी विवादों मे काफी वृद्धि होना 

Image: Couple Fighting (Source: Redbook)

Lockdown में घरों मेँ लंबी अवधि से बंद रहने के कारण लोग अवसाद ग्रस्त हो रहे हैं। Lockdown वाले देशो के आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ कि पति-पत्नी के बीच आपसी झगड़ों एवं तलाक संबंधी मामले मेँ काफी बृद्धि हुई है|


5) शिक्षा व्यवस्था चरमराई/ठप्प


Image: Online Classes (Sources: Dribbble)

सम्पूर्ण lockdown के कारण सभी शिक्षण संस्थान ल म्बे अवधि से बंद रहने के कारण लगभग सभी प्रभावित देशो की चरमरा सी गयी है, हालाँकि सरकारों के द्वारा online classes को आयोजित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।कुछ राज्यों के द्वारा lockdown के कारण वार्षिक माध्यमिक एवं इंटर की परीक्षाओं एनएच का आयोजन नहीं कराया जा सका। राज्यों ने विद्यालयों मे बिना परीक्षा लिए छत्रों को वर्ग प्रोन्नति हैकर दी।



6) जमाखोरी एवं कालाबाजारी मेँ वृद्धि

Image: Black Market (Source: NetClipart)

आवश्यक वस्तुओं का कृतिम अभाव दिखते हुये उनका जमाखो हैरी किया जा रहा है।जबकि इन वस्तुओं के आपूर्ति का चैन बरकरार है।सेनेटाइज़र,मास्क इत्यादि का कालाबाजारी कर मनमाने मूल्य पर बेचा जा रहा है।


7) नागरिकों मेँ असुरक्षा के प्रति बढ़ता panic भाव

Image: Panic (Source: Men'sHealth)

चूंकि कारोना की कोई दवा नहीं है,कोई इलाज नही है।तथा लंबे अवधि से घरों में बिना कोई काम के बंद रहने के कारण भविष्य की चिंता सता रही है।जिसके कारण उनमें उग्रता का भाव बढ़ते जा रहा है।कुछ दैनिक मजदूरों के घर मे न राशन है,न पैसा है न lockdown के कारण काम ही और इसके साथ ही एक खास धर्म के कुछ लोग कोरोना से प्रभावित लोंगों के जांच / या कोरोना पोसिटिव लोंगो को चिकित्सा हेतु अस्पताल में भर्ती करने के लिए लाने के लिए गए चिकित्सा दल एवं पुलिस बल पर पत्थरवाजी हो रही है तथा उग्रता का प्रदर्शन कर रहे हैं।इसके कारण कोरना से युद्ध पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।


8) लोंगो में बहम का बढ़ना


Image: Coronavirus or Flu? (Source: TheHelloDoctorMedicalBlog)

आजकल लोगों के बीच आपसी चर्चा का विषय केवल कोरोना उसके परिणामों,सोसल मीडिया,प्रिंट मीडिया,सभी संचार माध्यमों के द्वारा दिन रात कोरोना के लक्षणों का प्रचार किया जा रहा, है,इस समय यदि किसी को साधारण खांसी,जुकाम,या बुखार हो जाता है तो उसे यह वहम या माइनीया हो जाता है कि उसे भी कोरोना हो गया है तथा वह व्यक्ति मेंटली डिप्रेस्ड हो जाता है।



अतः उपरोक्त विश्लेषण से स्पष्ट है कि पूर्व कोरोना काल एवं पोस्ट कोरोना काल में विश्वव्यापी बहुत बड़ा परिवर्तन होने वाले हैं।नए नए ध्रुवीकरण होंगे जो विश्व व्यवस्था को प्रभावित करेंगे। कुछ परिवर्तन सकारात्मक भी होंगे जिससे मानव केन्द्रित विकास होगा।जो पहले अस्त्र शस्त्र केन्द्रित थी।लेकिन अब मानव कल्याण केन्द्रित होने की संभावना है क्योंकि किसी भी राष्ट्र के निर्माण का प्रथम अवयव वहाँ की जनसंख्या ही होती है
                    

धन्यवाद।

Comments

  1. बहुत अच्छा 👌🏻👌🏻👌🏻

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  2. Well said, comprehensive! Keep going!

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  3. A thoughtful and well presented article..

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  4. Thoughtful. Insightful. Must read article.

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  5. Beautiful article

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  6. Very nice and thoughtful article. Pros and cons both described nicely.

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  7. A Thoughtful and very nice article.

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  8. Very enlightening article. I'm looking forward to seeing more of your blogs in the future.

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  9. Agree to the points. Very true !!!

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  10. Great research and thanks for sharing this🙂

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  11. Interactive article, apart from covering all the known general issues around Corona, this article also touches some important negative effects such as home disputes, panic...Worth reading...

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  12. अत्यंत सारगर्भित, प्रभावित हो रहे सभी पहलुओं का सटीक विश्लेषण ।

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  13. बहुत ही अच्छा है सर। सम सामयिक पर गागर में सागर भरने जैसा है। हर पहलू पर गहन विचार करते हुए सत्य बातों को दर्ज़ किया गया है।

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  14. Very thoughtful and informative.

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  15. Very well said. Keep going. Wish you all the very best.

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  16. I found this article knowledgeable . It covers all the aspect of covid-19

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